कश्मीर की वादियों से निकलकर कैसे ओलंपिक तक पहुंचे Arif Khan?

बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक 2022 शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग के रहने वाले आरिफ खान इस ओलंपिक में भाग लेने वाले भारत के एकमात्र एथलीट हैं। आरिफ 13 फरवरी को विशाल स्लैलम इवेंट और 16 फरवरी को स्लैलम इवेंट में हिस्सा लेंगे। चलिए आपको बताते हैं आरिफ का अब तक का सफर।

आरिफ को चार साल की उम्र से स्कीइंग कर रहे हैं। पहाड़ों के बीच रहने वाले आरिफ को क्रिकेट और फुटबॉल से प्यार था, लेकिन इन खेलों को खेलने के लिए मैदान की जरूरत थी। आरिफ के पिता स्कीइंग के उपकरण बेचते थे, इसलिए आरिफ ने भी स्कीइंग के बारे में सोचा। अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए पिता ने अपनी दुकान के बाहर एक छोटा सा स्लोप बना दिया।

इसके बाद आरिफ धीरे-धीरे स्कीइंग के गुर सीखने लगे और 10 साल की उम्र में ही इस खेल से जुड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे। साल 2002 में 12 साल की उम्र में आरिफ ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्कीइंग का गोल्ड मेडल जीता। 16 साल की उम्र में आरिफ ने जापान में आयोजित जूनियर इंटरनेशनल स्कीइंग फेडरेशन इवेंट में हिस्सा लिया था। साल 2011 में उत्तराखंड में आयोजित दक्षिण एशियाई शीतकालीन खेलों में आरिफ ने स्लैलमम और जाइंट स्लैलम स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक जीते थे।

आरिफ ने विशाल स्लैलम में अपना कोटा हासिल करने के एक महीने बाद पिछले साल दिसंबर में मोंटेनेग्रो में आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से दुबई में ओलंपिक क्वालीफायर में अल्पाइन स्कीइंग स्लैलम श्रेणी में अपना कोटा हासिल किया। इसके साथ ही 31 वर्षीय आरिफ शीतकालीन ओलंपिक की दो स्पर्धाओं में सीधे कोटा स्थान हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए।

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